हिमवाणी
कुल्लूः हिमाचल प्रदेश के प्रथम जिला स्तरीय सूचना का अधिकार केन्द्र तथा ई-सूचना क्योस्क का गत सप्ताह, उपायुक्त कुल्लू चमेल सिंह ने उपायुक्त कार्यालय परिसर में उदद्घाटन किया।
सूचना, केन्द्र तथा ई सूचना कार्यालय के तहत मुख्य रूप से टच स्क्रीन, लोक सूचना डिस्पले वोर्ड तथा जिला स्तरीय सूचना का अधिकार दस्तावेज उपलब्ध करवा कर जनता [...]
कुल्लू में पहला ई-सूचना क्योस्क
हमीरपुर में २.५ लाख जैट्रोफा पौधे रोपित, इस वर्ष ३ लाख का लक्ष्य
हिमवाणी
हमीरपुरः गत वित्त वर्ष के दौरान जैट्रोफा के २ लाख ५० हजार पौधों को रोपित करने का लक्ष्य लगभग पूर्ण किया जा चुका है जिसपर ७ लाख ५० हजार रुपए की राशि व्यय की गई है। यह जानकारी रजनीश कुमार उपायुक्त हमीरपुर ने आज ज़िला ग्रामीण विकास अभिकरण एवं वन मण्डल हमीरपुर द्वारा जैट्रोफा नर्सरी [...]
सतलुज जल विद्युत निगम ६७२ करोड़ यूनिट बिजली पैदा करेगी
द्वाराः मीणापंतक्वात्रा राकेश
नई दिल्लीः सार्वजनक क्षेत्र के प्रतिष्ठान सतलुज जल विद्युत निगम लिमटेड ने ६७२ करोड़ यूनिट बिजली पैदा करने की योजना बनाई है । १५०० मैगावाट क्षमता वाले नाथपा झाकरी पनबिजली केन्द्र से तैयार की जाने वाली इस बिजली से २००७-०८ के दौरान १४०३ करोड़ रुपये के राजस्व प्राप्त होने की आशा है ।
इस [...]
हिमाचल में वन प्रबन्धन में जन भागेदारी
द्वाराः कुलभूषण उपमन्यु
भारतवर्ष में सरकार द्वारा वनों के प्रबन्धन का युग अंग्रेजों के भारत के कब्जे के बाद शुरू होता है। इससे पहले राजा वनों से इमारती लकड़ी आदि का व्यापार नहीं करते थे, कृषि भूमि से लगान लेते थे जो राज्य की आय का मुख्य साधन था, वनों पर मामूली सरकारी नियंत्रण होता था [...]
जनसहभागी प्रजातंत्र और प्रकृति: प्राकृतिक संसाधनों के प्रबन्धन में पंचायतों की अहम भूमिका
द्वारा: कुलभूषण उपमन्यु
तमाम तरह की शासन व्यवस्थाओं के बीच आज के युग में प्रजातंत्र का विशेष स्थान बन गया है। प्रजातंत्र शासक की तानाशाही प्रवृति पर अंकुश लगाता है और व्यवस्था को लोगों की जरूरतों के अनुकूल ढालने की कोशिश करता है। इसके लोगों की जरूरतों के अनुकूल न रहने पर चुनाव के समय [...]
रघुपुर किला तथा सरेउलसर झील की रोमांचकारी यात्रा
छाया व आलेख: डी डी शर्मा
गत दो वर्षो के समूचे हिमाचल भ्रमण में मैंने कुछ ऐसे स्थानों का भी भ्रमण किया जो कि पर्यटन की दृष्टि से काफी महत्व रखते हैं लेकिन प्रचार एवं प्रसार के अभाव में पर्यटक मानचित्र में इन क्षेत्रों का कोई खास अहमियत नहीं हैं । जिला कुल्लू में रघुपुर [...]
प्राचीन किन्नर देश और वर्तमान किन्नौरः किन्नर शब्द को हिजड़ा समुदाय से जोड़ना एक ऐतिहासिक भूल
छाया व आलेख: एस आर हरनोट
किन्नौर हिमाचल प्रदेश का अति सुन्दर और समीमावर्ती जनजातीय जिला है। इसके पूर्वी छोर में तिब्बत, पश्चिम में कुल्लू व लाहंल स्पिति, दक्षिण-पश्चिमी छोर में शिमला जिला और दक्षिण में उत्तर प्रदेश का उत्तरकाशी क्षेत्र और जिला शिमला का रोहड़ू क्षेत्र स्थित है ।
1 मई, १९६० से पूर्व यह महासू [...]
चंबयाली संस्कृति में प्रकृति संरक्षण
द्वाराः कुलभूषण उपमन्यु
विशाल और विविधता से भरी भारतीय संस्कृति, प्रकृति के साथ मनुष्य से संबंधों के बारे में बड़ी जागरूक रही है । यह संबंध बड़ा अटूट और वैज्ञानिक आधार से परिपुष्ट रहा है । मनुष्य प्रकृति के अंदर ही पैदा हुआ और अपनी बौद्धिक ताकत के बल पर प्रकृति को प्रभावित करने की सबसे [...]
पर्वतीय मानव संसाधन में उद्यमिता विकास
द्वाराः कुलभूषण उपमन्यु
पर्वतीय राज्यों में हिमाचल प्रदेश एक अच्छे विकासशील राज्य के रूप में उभर रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य, बागवानी और प्रति व्यक्ति आय जैसे कई मानदंडों पर प्रदेश अग्रणी है या अग्रसर है। प्रदेश की जल विद्युत क्षमताओं का पूरा दोहन करके और औद्योगिकरण की ओर लंबे डग भरने के प्रयास हो रहे हैं [...]
विकास, आजीविका और प्राकृतिक संतुलन
द्वाराः कुलभूषण उपमन्यु
धरती पर जीवन का आरम्भ और जीवन को चलाए रखने का काम प्रकृति की बड़ी पेचीदा प्रक्रिया है। इसे पूरी तरह समझ पाना अति कठिन है। फिर भी हजारों सालों में मनुष्य ने अनुभव और विज्ञान की मदद से इस गुत्थी को सुलझाने की कोशिश की है। जिसके महत्वपूर्ण निष्कर्ष ये हैं [...]




