द्वाराः एस आर हरनोट
प्रख्यात साहित्यकार श्री चंद्रधर शर्मा गुलेरी का यह १२५वां जंयती वर्ष है। उनका जन्म ७ जुलाई, १८८३ में हुआ था। उनको याद करते हुए आज शिमला में जाने-माने कवि-आलोचक श्री श्रीनिवास श्रीकांत की अध्यक्षता में एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें हिमालयन साहित्य, संस्कृति एवं पर्यावरण संरक्षण मंच के प्रभारियों एवं [...]
गेयटी थियेटर कला दीर्घा में लेखकों के बैठने के लिए स्थान का अनुरोध
साहित्य अकादेमी, दिल्ली के कथासंधि कार्यक्रम में हरनोट का एकल कहानी पाठ
By: HimVani
साहित्य अकादेमी, दिल्ली ने शुक्रवार 7 मार्च, 2008 को सांय 6 बजे अपने विशिष्ट कथासंधि कार्यक्रम में सुपरिचित हिन्दी कथाकार एस. आर. हरनोट के एकल कथा-पाठ का अपने सभागार रवीन्द्र भवन, नई दिल्ली में आयोजन किया जिसमें हरनोट ने अपनी बहुचर्चित तीन कहानियों-मोबाइल, नदी गायब है और मां पढ़ती है का पाठ किया। [...]
हिमाचल SDRS द्वारा जनघोषणा पत्र-2007
विकलांगता पर जनघोषणा पत्र-2007
सोसाइटी फॉर डिसेबिलिटी एंड रिहैबिलिटेशन स्टडीज (एसडीआरएस), हिमाचल प्रदेश चैपटर ने विश्व विकलांगता दिवस - 2007 के अवसर पर हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनावों के मद्देनजर ‘विकलांगता पर जनघोषणा पत्र (पीपुल्स मेनीफैस्टो फौर द डिसेबेल्ड) जारी किया है।
राज्य में विकलांगों के अधिकारों से जुड़े मुद्दे राजनैतिक और सामाजिक एजेंडा में [...]
राष्ट्रीय हिमालय नीति अभियान समिति द्वारा जारी लोक घोषणा पत्र २००७
लोक घोषणा पत्र २००७
आज हिमाचल प्रदेश देश भर में एक उन्नत राज्यों में माना जा रहा है। दुसरे राज्यों के मुकावले यहां शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधा, सड़क परिवहन, आवास इत्यादि के क्षेत्र में अभूतपूर्व विकास हुआ है। इस का पहला कारण निश्चित तौर पर प्रदेश का छठवें दशक में ही अलग राज्य के रूप में अस्तित्व [...]
राज्य में शिक्षा क्षेत्र में अनेक आयाम स्थापित
विख्यात पत्रिका द्वारा करवाये गए देष व्यापी सर्वेक्षण में षिक्षा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश देष का श्रेष्ठ राज्य आंका गया है। प्रदेष सरकार द्वारा राज्य में शैक्षणिक नेटवर्क के विस्तार एवं सुदृढ़ीकरण के परिणामस्वरूप यह उपलब्धि हासिल की है। एक किलोमीटर के दायरे में द्यौक्षणिक संस्थानों की सुविधा, लड़कियों को निःषुल्क षिक्षा, अनुसूचित जाति, [...]
औषधीय हर्बल नर्सरी ने खोले पांगी घाटी में समृद्धि के नए द्वार
हिमाचल प्रदेश के वन विभाग द्वारा समुद्र तल से लगभग १२ हजार फीट की ऊंचाई पर पांगी घाटी में हर्बल नर्सरी विकसित कर जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की आय के नये द्वार खोले हैं। लगभग पांच वर्ष की अल्प अवधि में नर्सरी उन लोगों के लिए, जो मिलो पहाड़ी सफर तय कर घने [...]
ई-गवनेर्ंस में हिमाचल प्रदेश को आई.एस.ओ. ९००१ः२००० प्राप्त
गुणात्मक सार्वजनिक सेवाओं को सफलतापूर्वक कार्यान्वित करने में हिमाचल प्रदेश ने एक और उपलब्धि हासिल की है। हिमाचल उत्तर भारत का ऐसा पहला राज्य बना है, जिसे वाहनों के ड्राईविंग/ परिचालक लाइसेंस तथा पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी करने में ई-गवर्नेंस सेवाएं उपलब्ध करवाने पर आई.एस.ओ.: ९००१ः२००० प्राप्त हुआ है।
प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक बदलाव की पद्धति [...]
अद्वितीय परम्परा का प्रतीक है ‘मिंजर’
हिमाचल प्रदेश में आयोजित होने वाले विभिन्न मेलों, त्यौहारों एवं उत्सवों में यहां की प्राचीन समृद्ध संस्कृति, आतिथ्य भाव एवं विविधता के एक साथ दर्शन होते हैं। प्रदेश में लगभग दो हजार देवी-देवता हैं, जिनके सम्मान में अनेक मेलों एवं त्यौहारों का आयोजन किया जाता है।
चम्बा जिले का सबसे लोकप्रिय त्यौहार है मिंजर, जिसमें जिले [...]
परग्रामीण क्षेत्रों में लोकप्रिय हुए गैर-पारम्परिक ऊर्जा स्रोत
शिमला जिले के गांव पवॉबो का निवासी राम सरण आज अपने आप को सबसे अधिक खुशकिस्मत समझता है, क्योंकि हर माह आने वाले उसके बिजली के बिल में करीब ७० फीसदी की कमी आई है और वह इस बात से बहुत प्रसन्न है। इसका श्रेय पूर्ण रूप से उसके नव निर्मित मकान में स्थापित सौर [...]
स्वच्छ हिमाचल, सुन्दर हिमाचलः चिन्तपूर्णी श्रृद्वालू रखें याद
हिमवाणी
ऊनाः चिन्तपूर्णी में लगने वाल श्रावण नवरात्र मेले के दौरान श्रृद्वालुओं को “स्वच्छ हिमाचल, सुन्दर हिमाचल” का नारा याद रखना होगा । वे इस बार मेंदिर में प्रसाद केवल बांस की टोकरियों व पत्तों से निर्मित डूने में ही चढ़ा पाएंगें ।
यह जानकारी देते हुए उपायुक्त श्री राजेश कुमार ने बताया कि मेला प्रशासन द्वारा [...]




