प्रसिद्ध कलाकार स्व. मनोहर सिंह की 67वीं जयंती कल

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हेमंत शर्मा

शिमलाः जानेमाने थियेटर कलाकार स्व. मनोहर सिंह की 67वीं जयंती 12 अप्रैल को उनके पैतृक गांव क्वारा (जुन्गा) में मनाई जा रही है। यह आयोजन राज्य भाषा एवं संस्कृति विभाग व शिमला फैडरेशन फार थियेटर आटर्स के संयुक्त तत्वावधान में होगा।

हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले से संबंध रखने वाले मनोहर सिंह थियेटर कला में निपुण थे और उन्होंने देश सहित विदेशों में भी अपार प्रसिद्धि प्राप्त की। 12 अप्रैल 1942 को जन्मे मनोहर सिंह में शुरू से कुछ नया करने का जज्बा रहता था। सन 1962 में वे सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में ड्रामा इंस्पेक्टर पद पर नियुक्त हुए। फिर 1968 में नैशनल स्कूल ऑफ ड्रामा नई दिल्ली में नियुक्ति होने पर उन्होंने सरकारी नौकरी छोड दी। 1968 से 1983 के बीच मनोहर सिंह ने भारतीय थियेटर व हिमाचली थियेटर में विश्वभर में ख्याति प्राप्त की। इसी दौरान उन्हें लंदन स्थित रॉयल अकादमी फॉर आट्र्स से स्कालरशिप मिली। मनोहर सिंह ने कई फिल्मों में अभिनय किया है जो कि उस समय काफी चर्चित रही। उन्होंने किस्सा कुर्सी का, डेडी, पार्टी, दामुल, रोदाली, मैं आजाद हूं तथा तिरंगा आदि फिल्मों में जो अभिनय किया वह वास्तव में ही सराहनीय था। दिल्ली स्थित पुराना किला में इब्राहिम अल्काजी के निर्देशन में तुगलक नामक नाटक में अभिनय करने के बाद इन्हें काफी प्रसिध्दि मिली और इन्हें फादर ऑफ हिंदी थियेटर की उपाधि दी गई। 1982 में संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली द्वारा मनोहर सिंह को सम्मानित किया गया। इसके बाद 1983 में हिमाचल सरकार ने इन्हें राज्य सम्मान से सम्मानित किया।

क्वारा में आयोजित होने वाले कार्यक्रम में संकल्प संस्था भी अहम भूमिका निभा रही है। संस्था के अध्यक्ष टीएस थापा, सचिव केदार ठाकुर, समन्वयक भूपेंद्र शर्मा ने बताया कि मनोहर सिंह ने थियेटर आटर्स में जो ख्याति प्राप्त की है वह प्रशसंनीय है। उन्हीं की याद में यह कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है ताकि प्रदेश में इस तरह की भावी प्रतिभाओं को प्रोत्साहित किया जा सके। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में नाटक मंचन व लोक गीत संध्या एवं गाथाओं का आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए गायक अश्वनी शर्मा को आमंत्रित किया गया है। इस दौरान आत्महत्या नाटक का मंचन भी किया जाएगा। जिसके माध्यम से आत्महत्या के कारणों व इसे रोकने के उपायाें पर प्रकाश डाला जाएगा।

2 COMMENTS

  1. Humne eik vigyapan co. mein rahte hue AIDS par 6 filmein banai thi…Amal Allana v Nissar Allana bhi the…1 film mein MS jee ne Chemist ki bhoomika ada ki jisse 1 naujawan hichkte hue condom mangta hai…Sun ko Bombay Hosp ke pass 1 chemist ki dookan par…wahin dono Shimla waale aamne- saamne hue aur gad-gad bhi!

  2. निस्संदेह स्व. श्री मनोहर सिंह ने अभिनय की दुनिया में न केवल अपना बल्कि हिमाचल प्रदेश का नाम भी रोशन किया है . स्व.बलवंत गार्गी ने अपनी आत्मकथा " The Naked Triangle " में उनकी भूरि भूरि प्रशंसा की है . ऐसे महान कलाकार को शत शत नमन !

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